त्योहार, विज्ञापन और कल्चरल मार्क्सवाद द्वारा 'फ्री पब्लिसिटी' और ज्ञान बांटने का कॉर्पोरेट खेल
डॉ राधा मिश्रा हर वर्ष भारत में हिंदू त्योहार आते ही टीवी और सोशल मीडिया पर विज्ञापनों की बाढ़ आ जाती है। लेकिन बीते कुछ सालों से एक बेहद चालाक और खतरनाक ट्रेंड देखने को मिल रहा है। त्योहार…


