अच्छे लोग, अच्छे काम 🌿
अच्छे शिक्षक केवल पाठ नहीं पढ़ाते, वे भविष्य गढ़ते हैं।
भोपाल की शासकीय विद्यालय की शिक्षिका डॉ. अर्चना शुक्ला इसका प्रेरक उदाहरण हैं। ‘राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026’ के लिए उनका चयन इस बात का प्रमाण है कि सरकारी स्कूलों में भी नवाचार, शोध और कल्पनाशीलता के माध्यम से शिक्षा की नई तस्वीर बनाई जा सकती है।
गौरैया के संरक्षण से लेकर 5,000 से अधिक पेड़ों पर QR कोड, बीज संरक्षण, कचरा प्रबंधन, प्लांट इमोशंस और पासवर्ड-प्रोटेक्टेड QR कोड जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए उन्होंने बच्चों को किताबों से निकालकर वास्तविक जीवन की समस्याओं, उनके समाधान, पर्यावरण और नवाचार से जोड़ा।
सबसे सुंदर बात यह है कि उन्होंने बच्चों को केवल क्या सोचना है नहीं बताया, बल्कि कैसे सोचना है सिखाया।
उनकी सोच में शिक्षा का उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि ‘सूचना से ज्ञान और ज्ञान से विवेक’ की यात्रा कराना है।
यही वह शिक्षा है जो अंकतालिका से आगे बढ़कर चरित्र बनाती है,
जिज्ञासा जगाती है और बच्चों को समाज के प्रति संवेदनशील नागरिक बनाती है।
डॉ. अर्चना शुक्ला को राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के लिए हार्दिक बधाई। इससे पूर्व उन्हें 2020 में राज्यपाल पुरस्कार, 2021 में वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार और दिल्ली में ‘नेक्सस ऑफ गुड’ सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है।
आप जैसे शिक्षक सचमुच यह विश्वास मजबूत करते हैं कि
एक अच्छा शिक्षक केवल एक कक्षा नहीं बदलता,
वह आने वाली पीढ़ी की सोच बदल देता है।

