Ladali Bahna Yojna Update: पांच लाख महिलाओं का फिर जुड़ेगा नाम, इस दिन से फिर खुलेगा पोर्टल, 21 साल सहित यह पात्रता



सीएम शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना को लेकर शनिवार को जबलपुर में दो बड़ी घोषणाएं कीं। पहली, योजना में प्रति माह 1000 रुपए की राशि देने के प्रावधान में संशोधन कर बहनों को क्रमश: बढ़ी हुई राशि का भुगतान किया जाएगा। योजना में राशि क्रमश: 1250 रुपए, इसके बाद 1500 रुपए, फिर 1750 रुपए,  2 हजार रुपए और इसके बाद 2250 रुपए, 2500 रुपए और 2750 रुपए करते हुए राशि को 3 हजार रुपए तक बढ़ाई जाएगी। बढ़ी हुई राशि कब तक दी जाएगी, अभी यह तय नहीं है। दूसरी, योजना के लिए विवाहित पात्र बहन की आयु न्यूनतम 23 वर्ष के स्थान पर 21 वर्ष की जाएगी। वर्तमान में 23 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाएं योजना में पात्र हैं। सरकार की इन दोनों ही घोषणाओं पर अमल होने के बाद सरकारी खजाने पर भारी-भरकम बोझ बढ़ेगा।

मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि पिछले महीने योजना के लिए पंजीयन के दौरान ऐसी शिकायतें आई थीं कि 23 साल से कम उम्र की विवाहित महिलाएं योजना के लिए पात्र नहीं होने से नाखुश हैं। क्योंकि बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं हैं, जिनकी उम्र 23 साल से कम है और वे विवाहित हैं। अब योजना का लाभ लेने के लिए न्यूनतम आयु 23 से घटाकर 21 वर्ष किए जाने से बड़ी संख्या में नई महिला हितग्राही योजना से जुड़ेंगी। इसके लिए योजना में महिलाओं का पंजीयन कराने फिर से पोर्टल खोला जाएगा। साथ ही पंजीयन कराने को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि संभवत: इसी सप्ताह योजना में पंजीयन के लिए पोर्टल खोल दिया जाएगा। महीने के आखिर तक पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। योजना में शामिल होने वाली 21 से 23 वर्ष की विवाहित महिलाओं को एक-एक हजार रुपए की राशि अगले महीने से मिलना शुरू हो जाएगी। महिला-बाल विकास विभाग के सूत्रों का कहना है कि महिलाओं की योजना में पात्रता के लिए उम्र दो वर्ष कम करने से करीब पांच लाख नई महिलाएं योजना में शामिल होंगी। इस तरह इन महिलाओं को हर महीने एक-एक हजार रुपए दिए जाने से लाड़ली बहना योजना में सरकारी खजाने पर हर महीने करीब 50 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार बढ़ेगा। वर्तमान में सवा करोड़ महिलाओं को हर महीने एक-एक हजार रुपए दिए जाने से योजना पर सालाना करीब 14 हजार 500 करोड़ रुपए खर्च होना थे। अब न्यूनतम आयु 21 वर्ष किए जाने से यह राशि सालाना बढ़कर करीब 15 हजार करोड़ रुपए हो जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार योजना में क्रमश: राशि बढऩे से योजना पर होने वाला खर्च भी उसी अनुपात में बढ़ता जाएगा। जब भी सरकार महिलाओं को हर महीने 3-3 हजार रुपए देगी, तो योजना पर हर महीने 3600 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे।

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