मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में वल्लभ भवन के सामने स्थित सतपुड़ा भवन में सोमवार शाम को आग लग गई। आग सबसे पहले तीसरी मंजिल पर लगी, जो बढ़कर छठवीं मंजिल तक पहुंच गई। आग कितनी भीषण है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिल्डिंग में उठती आग की लपटें और धुआं दूर से ही देखा जा सकता है। आग शाम करीब 4 बजे लगी, इसके 2 घंटे बाद भी इस पर काबू नहीं पाया जा सका है। इधर आग लगने के कारण बिल्डिंग में लगे 25 से ज्यादा एसी में ब्लास्ट हो गए। जिससे आग और भी तेज हो गई है। फिलहाल इस बात का पता नहीं चल सका है कि आग कैसे लगी।
आग लगने की इस घटना से सतपुड़ा भवन में हड़कंप की स्थिति बन गई। पूरी बिल्डिंग में धुआं भर गया। सुरक्षा के लिहाज से बिल्डिंग को खाली करा लिया गया है। परिसर में अधिकारी-कर्मचारियों की भीड़ लग गई। नगर निगम की फायर ब्रिगेड की टीम आग पर काबू करने की कोशिश में लगी है। आग पर काबू पाने के लिए एसडीआरएफ को भी बुलाया है।
सतपुड़ा भवन के थर्ड फ्लोर पर स्थित अनुसूचित जनजाति क्षेत्रीय विकास योजना के दफ्तर से आग शुरू हुई। इसने चौथी मंजिल पर स्थित स्वास्थ्य संचालनालय को चपेट में ले लिया। हेल्थ डायरेक्टोरेट के पांचवीं और छठवीं मंजिल तक आग की लपटें जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की एडिशनल डायरेक्टर मल्लिका नागर ने बताया कि आग बुझाने का काम किया जा रहा है। इसके बाद नुकसान के बारे में आकलन हो पाएगा।
पुराने फर्नीचर और कागजों से भड़क रही आग :
स्वास्थ्य विभाग में कुछ महीनों पहले इंटीरियर डेकोरेशन और रिनोवेशन का काम कराया गया था। इस दौरान बड़े पैमाने पर लकड़ी की पुरानी अलमारी और दूसरे फर्नीचर निकाले गए थे। जो स्वास्थ्य संचालनालय में ही रखे थे। आग इस पुराने लकड़ी के वेस्ट मटेरियल तक पहुंच गई। इस वजह से दमकल कर्मियों को आग बुझाने में मशक्कत करनी पड़ रही है।
सतपुड़ा भवन में बैठते हैं तीन आईएएस अफसर :
सतपुड़ा भवन, जहां आग लगी है, वहां तीन आईएएस अफसर बैठते हैं। थर्ड फ्लोर पर आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजना के संचालक, 5th फ्लोर पर हेल्थ डायरेक्टर और 6वीं मंजिल पर हेल्थ कमिश्नर बैठते हैं।
महत्वपूर्ण दस्तावेज जले :
आग से ट्राइबल और हेल्थ डिपार्टमेंट के महत्वपूर्ण दस्तावेज जलने की आशंका है। आग लगने की वजह सामने नहीं आई है।
कांग्रेस ने जताई साजिश की आशंका :
कांग्रेस ने सतपुड़ा भवन में लगी आग के पीछे साजिश की आशंका जताई है। पूर्व मंत्री अरुण यादव ने ट्वीट कर कहा- आग के बहाने घोटालों के दस्तावेज जलाने की साजिश तो नहीं।
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा है कि किसी भी राज्य में चुनाव से पहले सरकारी रिकॉर्ड भवन में अगर आग लग जाए, तो समझो सरकार गई। गुनाह मिटा दिए गए। शिवराज जी और उनकी सरकार की चला चली की बेला है…।
कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने ट्वीट कर लिखा- मैंने 15 दिन पहले ही इसकी आशंका जाहिर की थी कि सरकारी दफ्तरों में आग लगने का अभियान शुरू होगा।
आम आदमी पार्टी के अतुल शर्मा ने कहा है कि सतपुड़ा भवन में लगी आग से सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आग लगी या लगाई गई है। सरकार के जाने से पहले सारी गड़बड़ियों और घोटालों के सबूत मिटा दिए गए है।



