लडखड़ा सकती हैं प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं


 भोपाल। मध्यप्रदेश में एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा सकती हैं। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मध्य प्रदेश के सभी चिकित्सक जिनमें प्रदेशभर के सभी मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सक और जिला चिकित्सालय से जुड़े चिकित्सक के अलावा जूनियर डॉक्टर ईएसआई हॉस्पिटल के डॉक्टर हड़ताल पर जाने की तैयारी में है।

उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। दरअसल सरकार ने चिकित्सकों को उनकी मांगें माने जाने का आश्वासन दिया था। इसके लिए एक कमेटी भी बनाई गई थी, लेकिन जो आश्वासन और जो वायदे सरकार ने चिकित्सकों से किए थे ,सरकार उनसे मुकर गई है। इससे नाराज चिकित्सक अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है। उन्होंने 3 मई से काम बंद कर प्रदेश व्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। चिकित्सक सरकार की वादाखिलाफी की बातें मरीजों के पर्चे पर भी लिख रहे हैं और मरीजों को यह अवगत करा रहे हैं कि उन्हें होने वाली असुविधा के लिए सिर्फ सरकार जिम्मेदार होगी। मध्य प्रदेश के चिकित्सकों ने ओल्ड पेंशन स्कीम और अपने स्टाइपेंड सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदेश व्यापी हड़ताल करने का मन बना लिया है। हड़ताल का ऐलान कर चुके चिकित्सकों का कहना है कि झारखंड सरकार अपने चिकित्सकों का ख्याल रख रही है। वह समय-समय पर उनके वेतन में वृद्धि सहित अन्य जरूरतों को पूरा कर रही है। लेकिन मध्य प्रदेश सरकार चिकित्सकों से वादा करने के बाद भी मुकर गई है। ऐसे में उनके सामने आंदोलन करना ही एकमात्र विकल्प बचा है जिसके लिए सभी चिकित्सक तैयार है और 3 मई का दिन निर्धारित किया गया है, उससे अनिश्चितकालीन हड़ताल चिकित्सक करेंगे।

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