बीजेपी प्रवक्ता हितेश वाजपेई का कहना है कि मुख्यमंत्री को और भी ज्यादा कर्ज लेने की जरूरत है। क्योंकि फिसिकल डिफ्टेक्ट और कैपिटल एक्सपेंडिचर दोनों ही बराबर है। ऐसे में सरकार और भी कर ले सकती हैं। मध्य प्रदेश सरकार महिला, गरीब, किसान हर की योजनाओं के लिए कर्ज ले रही है। इसमें कर्ज लेने पर कोई आपत्ति नहीं है। इधर सरकार को घेरते हुए कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी की सरकार बनने वाली नहीं है। ऐसे में अन्य सरकार के लिए कितना कर्जा छोड़कर जाना चाहिए। सरकार उस काम में लगी हुई है। मध्य प्रदेश को कर्ज में डुबोने का काम राज्य सरकार कर रही है। सरकार कर्ज लेने के साथ-साथ मध्यप्रदेश के बांड को गिरवी रख रही है। सरकार को यह बताना चाहिए कि क्या उनके पास नोट छापने का टकसाल है। जिस तरीके से कर्ज लिया जा रहा है प्रदेश की जनता पर उसका बोझ बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश में कर्ज को लेकर सरकार को श्वेत पत्र जारी करने की जरूरत है और बताना चाहिए कि मध्य प्रदेश सरकार पर कितना कर्जा है।
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