महिला देखती रही,वह करता रहा बच्ची से हैवानियत
मध्यप्रदेश में मासूम बच्चियों के साथ घिनौनी हरकत के मामले थम नहीं रहे है। ऐसा ही एक मामला भोपाल से सामने आया है। यहां राजधानी में नर्सरी में पढ़ने वाली साढ़े तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मासूम को अपनी वहशियत का शिकार बनाने वाला स्कूल बस का ड्राइवर ही था। चौंकाने वाली बात यह है कि जब ड्राइवर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दे रहा था तब महिला हेल्पर भी बस में मौजूद थी। पुलिस ने ड्राइवर के साथ महिला हेल्पर को भी सहआरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया है। पूरा मामला बिलाबॉन्ग स्कूल से जुड़ा हुआ है।
कांग्रेस सदन में उठाएगी मुद्दा
इधर विधानसभा के मानसून सत्र के चलते कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सदन में सरकार घेराव करने की योजना बनाई है। कांग्रेस विधायक हिना कांवरे ने कहा कि मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला बेहद शर्मनाक है। प्रदेश सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। कानून व्यवस्था का मुद्दा पूर्व सीएम कमलनाथ पहले भी उठाते रहे हैं। वे भी सदन में इस मुद्दे को उठाएंगी। प्रदेश में लगातार महिलाओं और बच्चों के साथ दुष्कर्म के मामले बढ़ रहे हैं। इस संबंध में सरकार का रवैया असंवेदनशील है।
कमलनाथ ने उठाया था अमेहटा दुष्कर्म का मामला
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने एक दिन पहले ही मध्यप्रदेश में मासूम बच्चियों से दुष्कर्म के बढ़ते मामलों को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। कमलनाथ ने कटनी के अमेहटा में तीन साल की मासूम से दुष्कर्म की घटना पर ट्वीट कर कहा था कि बेहद शर्म की बात है कि स्थानीय ग्रामीण आरोपी को खुद पकड़कर पुलिस के सुपुर्द करते हैं। तब भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से भाग जाता है। यह प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति है। शिवराज सरकार बहन बेटियों को सुरक्षा देने में पूरी तरह से असफल साबित हुई है।
स्कूल प्रबंधन कर रहा लीपापोती
वहीं गृहमंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन लीपापोती की कोशिश कर रहा है। उनका कहना है कि दोनों आरोपी ड्राइवर हनुमंत और उर्मिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। जहां तक स्कूल प्रबंधन का सवाल है। उन्होंने मामले में लीपापोती करने की कोशिश की है। उन्हें भी जांच में शामिल किया जाएगा और स्कूल के वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी। दोषी होने पर बिलाबॉन्ग स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
विभाग ने तलब की प्रबंधन से रिपोर्ट
प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार ने कहा स्कूल प्रबंधन से रिपोर्ट मांगी गई है। इस मामले में तीन सदस्यों की कमेटी भी बनाई गई हैं। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल बसों में होगी पैनिक बटन
इधर राज्य के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का कहना है निर्भया योजना लागू की जाएगी। स्कूल बसों में पैनिक बटन लगाई जाएगी। कंट्रोल कमांड सेंटर पर इसकी सूचना आएगी, जिससे पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच सकेगी। हालांकि परिवहन मंत्री की यह बात हास्यास्पद लगती है, क्योंकि जो वारदात का शिकार हुई है वह साढ़े तीन साल की बच्ची है। मासूम बच्चियां कैसे पैनिक बटन दबाएं यह शायद मंत्री ही बता पाएंगे।
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