भोपाल। अगर आप ई-रिक्शा चलाते हैं या उसमें सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। पिछले कुछ दिनों से भोपाल, उज्जैन, इंदौर समेत कई शहरों में ई-रिक्शा चालकों के बीच एक ही चर्चा है—BAT-BMS ऐप की मदद से बैटरी लॉक की जा रही है। सोशल मीडिया पर भी ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि चलते हुए ई-रिक्शा अचानक बंद हो जाते हैं।
हालांकि, इस मामले में घबराने की जरूरत नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या हर ई-रिक्शा में नहीं होती, बल्कि केवल कुछ खास तरह की लिथियम बैटरियों में देखी गई है।
आखिर क्या है BAT-BMS ऐप?
BAT-BMS एक सामान्य मोबाइल ऐप है, जिसे बैटरी की स्थिति देखने और उसकी सेटिंग्स मैनेज करने के लिए बनाया गया है। बैटरी निर्माता और तकनीशियन इसका इस्तेमाल बैटरी का चार्ज, वोल्टेज, तापमान और अन्य जानकारी देखने के लिए करते हैं।
फिर विवाद क्यों हो रहा है?
समस्या ऐप से ज्यादा कुछ बैटरियों की सुरक्षा व्यवस्था में बताई जा रही है।
जानकारों के मुताबिक, बाजार में बिक रही कुछ Bluetooth वाली Lithium बैटरियों में पर्याप्त सुरक्षा नहीं होती। अगर ऐसी बैटरी का पासवर्ड नहीं बदला गया है या सुरक्षा फीचर बंद है, तो कोई भी व्यक्ति पास जाकर BAT-BMS ऐप से उससे कनेक्ट होने की कोशिश कर सकता है। ऐसी स्थिति में बैटरी का आउटपुट बंद होने पर ई-रिक्शा रुक सकता है।
क्या हर ई-रिक्शा बंद किया जा सकता है?
नहीं।
यह दावा सही नहीं है कि BAT-BMS ऐप से सभी ई-रिक्शा बंद किए जा सकते हैं।
यह समस्या केवल उन्हीं वाहनों में हो सकती है जिनमें—
- Bluetooth आधारित BMS लगा हो।
- बैटरी सुरक्षित (Password Protected) न हो।
- वही BMS इस ऐप को सपोर्ट करता हो।
यानी अधिकांश ई-रिक्शा इस समस्या से प्रभावित नहीं हैं।
चालक क्यों हैं चिंतित?
ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि अगर वाहन बीच सड़क पर अचानक बंद हो जाए तो हादसे का खतरा बढ़ सकता है। कई लोगों ने यह भी मांग की है कि बैटरी कंपनियां अपने सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित बनाएं ताकि कोई बाहरी व्यक्ति बैटरी से छेड़छाड़ न कर सके।
अगर आपके पास ई-रिक्शा है तो क्या करें?
विशेषज्ञ कुछ आसान सावधानियां अपनाने की सलाह दे रहे हैं—
- बैटरी का डिफॉल्ट पासवर्ड तुरंत बदलें।
- Bluetooth को हमेशा चालू न रखें।
- बैटरी का सॉफ्टवेयर समय-समय पर अपडेट कराएं।
- केवल अधिकृत सर्विस सेंटर से ही बैटरी की सेटिंग्स बदलवाएं।
फिलहाल सच्चाई क्या है?
BAT-BMS ऐप को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है, लेकिन अब तक ऐसा कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है कि यह ऐप हर ई-रिक्शा को कहीं से भी बंद कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मामला कुछ असुरक्षित बैटरियों तक सीमित है। फिर भी यह घटना ई-वाहनों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा करती है।