नवीं पास नहीं हो पाई तो लगा दी फांसी


इंदौर।  मैं 9th में पास नहीं हो पाई। मुझे पता है कि किसी लायक नहीं हूं। मम्मी मैं ना पढ़ने में अच्छी हूं, ना काम में। आप सच कहती थीं। सॉरी मम्मी आप मेरे पीछे, पापा के साथ रहते थे और मैं पास नहीं हो पाई। जब मुझे सप्लीमेंट्री आई तभी मैंने सोच लिया था कि मैं मर जाउंगी। मैंने बहुत कोशिश की लेकिन अब मैं जी नहीं पाउंगी। बाय मम्मी ध्यान रखना अपना...ये आखिरी शब्द इन्दौर में पढ़ने वाली 9 वीं की छात्रा ने अपने माता पिता के लिए लिखे और अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। 

 सुसाइड नोट में यह बातें लिखकर नौवीं क्लास की छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मामला इंदौर के परदेशीपुरा के सर्वहारा नगर का है। 15 साल की छात्रा याशिका  को परीक्षा में सप्लीमेंट्री आई थी। इससे वह डिप्रेशन में चली गई। उसने सुसाइड नोट में इस बात का जिक्र करते हुए माता-पिता से माफी मांगी है। उसने यह भी खुलासा किया है कि उसने इससे पहले भी कुछ गोलियां खाकर जान देने की कोशिश की थी लेकिन तब गोलियों का असर नहीं हुआ था। घटना के वक्त घर में माता-पिता नहीं थे।याशिका खरगोन जिले के बड़वाह में दादी के पास रहकर केन्द्रीय स्कूल में पढ़ाई करती थी। छुटि्टयों के चलते वह कुछ दिन पहले ही इंदौर ही माता-पिता के पास रहने आई हुई थी।  पिता काम पर गए थे और मां भी बाहर थी। इसी दौरान याशिका ने फांसी लगा ली। पुलिस के मुताबिक सबसे पहले छोटे भाई ऋषि ने याशिका को देखा था।


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