बुरहानपुर संघ के मालवा प्रांत में आता है तो जबलपुर महाकौशल प्रांत का मुख्यालय है। इसके पहले संघ प्रमुख हाल ही में भोपाल का भी प्रवास कर चुके हैं। सरसंघ चालक बनने के बाद उनके द्वारा जहां भी प्रवास किया जाता है वहां पर संघ कार्य विस्तार, बुद्धिजीवी और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले समाजसेवियों के अलावा विभिन्न समाज प्रमुख से भी चर्चा करते हैं। डॉ मोहन भागवत का जोर हमेशा से संघ का सामाजिक आधार बढ़ाने पर रहा है। इसी के साथ उन्होंने ग्रामीण समस्याओं पर सर्वाधिक फोकस किया हुआ है। संघ को सर्व समावेशी और सर्व स्पर्शीय बनाने की कवायद उनके नेतृत्व में 2009 से लगातार चल रही है। संघ के सभी सरसंघचालकों ने अपने कार्यकाल में नवाचार किए हैं। डॉक्टर भागवत ने कुटुंब प्रबोधन और विभिन्न धर्मों और समुदायों से संवाद का नवाचार अपने कार्यकाल
में प्रारंभ किया है। डॉक्टर भागवत के मध्य प्रदेश के लगातार दौरे इस बात को दर्शाने के लिए पर्याप्त है कि संघ का नेतृत्व मध्य प्रदेश को बहुत अधिक महत्व देता है। बुरहानपुर में सरसंघचालक ने अनेक कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ ही मालवा प्रांत के संघ के शीर्ष पदाधिकारियों और संघ परिवार के पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं से भी चर्चा कर फीडबैक लिया गया है। संघ यद्यपि राजनीति में हिस्सा नहीं लेता लेकिन उसकी गतिविधियों और उसके अभियानों का लाभ भाजपा को मिलता है। उनके अलावा पिछले दिनों भैया जी जोशी भी मध्यप्रदेश में सक्रिय रहे। भैया जी जोशी मंडलेश्वर के रहने वाले हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उनको अपना मार्गदर्शक मानते हैं। खासतौर पर भैया जी जोशी सेवा प्रकल्पों का पूरे देश भर में जाल फैलाने में विशेषज्ञ माने जाते हैं। वे 9 साल तक संघ के सरकार्यवाह रहने के अलावा लंबे समय तक संघ के सह सरकार्यवाह और सेवा प्रमुख रहे हैं। संघ ने इस समय जो सवा लाख से अधिक सेवा प्रकल्प चला रखे हैं वो भैया जी की दूर दृष्टि की ही देन है।
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