मध्यप्रदेश के गृहमंत्री एवं दतिया से बीजेपी के विधायक डॉ. नरोत्तम मिश्र को राहत मिलेगी या मुश्किल बढ़ेगी। इस पर सभी की निगाह लगी हुई है। थोड़ी देर में सुप्रीम कोर्ट नरोत्तम मिश्र के मामले में फैसला सुना सकता है।
मध्यप्रदेश के बहुचर्चित पेड न्यूज मामले में प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) को केंद्रीय निर्वाचन आयोग (election commission of india) ने 23 जून 2017 को दोषी ठहराया था। जनप्रतिनिधत्व अधिनियम 1951 के तहत धारा 10A के तहत उन्हें तीन वर्ष के लिए अयोग्य करार दिया था। इस फैसले के खिलाफ नरोत्तम मिश्रा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट (madhya pradesh high court) चले गए थे। इसके बाद शिकायतकर्ता राजेंद्र भारती (rajendra bharti) ने मध्यप्रदेश में राजनीतिक दबाव को आधार बनाते हुए सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को उठाया था। इस केस को सुप्रीम कोर्ट (supreme court) ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट में स्थानांतरित करा दिया था।
यह था मामला
मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर नरोत्तम मिश्रा के प्रतिद्वंदी और कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती ने 2008 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने नरोत्तम मिश्र पर पेड न्यूज प्रकाशित करवाने का आरोप लगाया था। राजेंद्र भारती की शिकायत को सही मानते हुए वर्ष 2017 में चुनाव आयोग ने आदेश जारी कहा था कि तीन वर्षों तक नरोत्तम मिश्रा चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। आयोग ने 46 खबरों में पेड न्यूज माना था। इसके बाद नरोत्तम मिश्रा ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। राजनीतिक से जुड़ा मामला होने के कारण कोर्ट पर दबाव बनाया जा सकता था, इस कारण यह मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया गया था। वहां से भी नरोत्तम मिश्रा के पक्ष में फैसला नहीं आने पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। जिस पर आज 12 अप्रैल 2023 को सुनवाई हो रही है। यह इस मामले की अंतिम सुनवाई है।