ग्वालियर: प्रज्ञा प्रवाह का विमर्श एवं त्रिमासिक विवरणिका विमोचन कार्यक्रम जीवाजी विश्वविद्यालय में संपन्न




चाणक्य चिंतन आज भी प्रासंगिक : श्री अशोक पाण्डेय


प्रज्ञा प्रवाह मध्य भारत प्रांत द्वारा स्वतंत्रता से स्वाधीनता की ओर श्रृंखला के अंतर्गत अंग्रेजी शासन के अवशेषों से मुक्ति चाहती भारतीय शासन व्यवस्था विषय पर विमर्श कार्यक्रम आज दिनांक 18 अप्रैल 2023 को राजनीति विभाग के सभागार, जीवाजी विश्व विद्यालय में आयोजित किया गया। 


कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य वक्ता के रूप में मध्य प्रदेश शासन के पूर्व अपर मुख्य सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव जी ने भारतीय न्याय तंत्र, कृषि तंत्र और शिक्षा तंत्र पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया किस तरह आजादी के लगभग 75 वर्षों के पश्चात भी भारतीय न्याय तंत्र औपनिवेशक काल के तौर-तरीकों से मुक्त नहीं हो सका है। जिसके लिए उन्होंने न्याय व्यवस्था की भाषा और भूषा का उदाहरण दिया। 


तत्पश्चात, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्री अशोक पाण्डेय जी ने बताया कि इतने वर्षों के पश्चात भी चाणक्य चिंतन आज भी प्रासंगिक है। 

उन्होंने 'स्व' के भाव का महत्व बताया और कहा कि सांस्कृतिक दासता कब मानसिकता दासता में बदल जाती है इसका पता नहीं चलता। इसीलिए आवश्यक है कि हम अपने स्व को पहचाने। 


कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जीवाजी विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष श्री एस. के. द्विवेदी जी ने उपस्थित छात्र छात्राओं को इन विचारों को आत्मसात करने की बात कही। उन्होंने कहा विश्विद्यालय आगे भी बौद्धिक कार्यक्रमों में सहभागिता सुनिश्चित करने की बात कही।


कार्यक्रम के दौरान प्रज्ञा प्रवाह युवा आयाम द्वारा निर्मित त्रैमासिक विवरणिका का विमोचन भी श्री अशोक पाण्डेय जी के कर कमलों द्वारा किया गया। 


कार्यक्रम में प्रबुद्ध जन, सेवा निवृत्त वरिष्ठ अधिकारी, व्याख्यातगण, शोधार्थी एवं छात्र छात्राएं बढ़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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