ग्वालियर-चंबल के बीहड़ों में वॉन्टेड रहा डकैत गुड्डा गुर्जर जेल जाने के बाद ईश्वर की शरण में है। पुलिस गिरफ्त में आने के बाद केंद्रीय जेल ग्वालियर में बंद गुड्डा का अधिकांश समय यहां बने मंदिर में बीतता है। यही नहीं, जेल में अन्य मामलों में बंद जो भी कैदी गुड्डा के पास जाते थे, उन्हें भी वो आगे अपराध न करने की सलाह दे रहा है।
डकैत गुड्डा के व्यवहार में आए इस बदलाव को जेल के अफसर अपराध के प्रायश्चित के रूप में देख रहे हैं। वहीं, कुछ इसे दिखावा मान रहे हैं।
गुड्डा को लेकर यह खुलासा केंद्रीय जेल ग्वालियर की बिहेवियर ऑब्जर्वेशन एंड एनालिसिस रिपोर्ट में हुआ है, जिसमें गुड्डा के जेल में बिताए 15 दिनों का विश्लेषण किया गया है। यह रिपोर्ट जेल अफसरों ने डकैत गुड्डा की बैरक के आसपास ड्यूटी करने वाले जेल प्रहरियों और स्टाफ से चर्चा कर तैयार की है।
जेल में विशेष सुरक्षा में है खूंखार डकैत
गिरफ्तारी के दो दिन बाद गुड्डा गुर्जर को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया। उसे ग्वालियर सेन्ट्रल जेल की त्रिवेणी बैरक में रखा गया था। यह वो बैरक है जहां खतरनाक बदमाशों को रखा जाता है। सुरक्षा की दृष्टि से भी डकैत पर पुलिस नजर बनाए हुए है। यहां बीते 15 दिन में उससे किसी को नहीं मिलने दिया गया। यहां उसकी निगरानी में जेल प्रहरी के साथ ही प्रशासन में शामिल बंदियों को लगाया गया है।
बदल रहा है व्यवहार, निगरानी रख रहे हैं अफसर
जेल प्रबंधन का कहना है कि अक्सर वह मंदिर के पास बैठा नजर आता है। मानों जैसे उसका व्यवहार बदल रहा है। उसके अंदर जीने की इच्छा जागृत हो रही है। वह खुद को बदलना चाहता है। पर उसका बदले व्यवहार को देखकर अफसर भी दंग हो रहे हैं। वो समझ नहीं पा रहे हैं कि उसमें यह बदलाव असली है या अच्छे आचरण की नौटंकी।
सामान्य दिनचर्या है, कुछ नहीं मांगता
ग्वालियर सेन्ट्रल जेल के उप जेलर प्रभात सिंह का कहना है कि जेल में डकैत गुड्डा का व्यवहार सामान्य बंदियों की तरह ही है। उसे वही खाना दिया जा रहा है जो अन्य बंदियों को दिया जाता है। उसने भी अभी तक कोई विशेष डिमांड नहीं की है। वह इलाज के लिए अस्पताल तक जाता है, लेकिन हमेशा विशेष निगरानी में रहता है। हां वह सुबह-शाम पूजा अर्चना करता हुआ जरूर दिखता है।
जंगल में हुए शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गुड्डा गुर्जर पकड़ाया था। इस दौरान उसके पैर में गोली लगी थी। (फाइल फोटो)
सिर्फ बेटा और भाई मिलने आए
सेन्ट्रल जेल ग्वालियर में 15 दिन तक डकैत गुड्डा बंद रहा। एक दिन पहले उसे मुरैना की जौरा पुलिस ने रिमांड पर लिया है। इन 15 दिन में गुड्डा से एक ही मुलाकात हुई है। सात दिन पहले उससे मिलने के लिए उसका बेटा व भाई पहुंचे थे। उनकी मुलाकात उसी तरह से कराई गई जैसे अन्य बंदियों की कराई जाती है। सामान्य मुलाकात के बाद वह चले गए थे।
कुछ दिन नींद नहीं आई, बदलता रहा करवटें
सेन्ट्रल जेल में पहुंचने के बाद डकैत गुड्डा को कुछ दिन नींद ने परेशान किया। शुरू के चार से पांच दिन उसे नींद नहीं आई। जेल की चार दीवारी में वह रात-रात भर करवटें बदलता हुआ नजर आता था। इसके बाद धीरे-धीरे उसकी दिनचर्या सामान्य होने लगी। अब उसे नींद भी आ रही है और वह सामान्य जीवन जी रहा है।
मुरैना की जौरा पुलिस कर रही गुड्डा से पूछताछ
ग्वालियर के घाटीगांव क्षेत्र के बसौटा के जंगल में हुए शार्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्त में आए डकैत गुड्डा से पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस उसे जेल भेज चुकी है। जेल में दो सप्ताह गुजारने के बाद मुरैना की जौरा पुलिस ने डकैत गुड्डा को रिमांड पर लिया है। पुलिस गुड्डा द्वारा पुलिस थाना जौरा क्षेत्र में उसके द्वारा की गई वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है। साथ ही जौरा में संरक्षण देने वालों की जानकारी जुटा रही है। ताकि संबंधितों की निगरानी की जा सके।
9 नवंबर की रात मुठभेड़ में पकड़ाया था गुड्डा
ग्वालियर पुलिस और डकैत गुड्डा गुर्जर के बीच 9 नवंबर को घाटीगांव क्षेत्र के भंवरपुरा और बसोटा के जंगल में मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में एक गोली डकैत गुड्डा के पैर में लगी थी। इसके बाद घायल गुड्डा को गिरफ्तार कर, कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट के आदेश पर गुड्डा का इलाज कराने के बाद ग्वालियर पुलिस ने उससे पूछताछ की थी और फिर उसे जेल भेज दिया था। जहां से हाल ही में जौरा पुलिस ने रिमांड पर लिया है।