भारतीय संगीत के दो रत्नों "आशा ताई" और आसाम रत्न, भारत रत्न जैसी उपाधियों से विभूषित "भूपेन हजारिका" जी का आज जन्मदिवस।



भूपेन दा का जन्म 8 सितंबर 1926 को तिनसुकिया असम में हुआ, प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा तिनसुकिया और गुवाहाटी में हुई....उच्च शिक्षा के लिए वह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में चले आए।

बस यहीं उनके हृदय में माँ गंगा का बास हुआ, जिसकी परिणति उनका प्रसिद्ध गीत "गंगा तू बहती है क्यों" के रूप में हुई।

भूपेन दा बहुमुखी प्रतिभा के नायक थे...पत्रकार, कवि, लेखक, अभिनेता, गीतकार, संगीतकार, गायक उनके कई रूप थे।।

सन 1993 में आई बॉलीबुड फ़िल्म "रुदाली" में उनके गीत "दिल हूम हूम करे" को हिंदी भाषी क्षेत्र में बहुत प्रसिद्धि मिली।

उन्हें नेशनल अवार्ड, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, पद्मभूषण तथा सिनेमा के सर्वोच्च्य पुरुस्कार दादा साहब फाल्के से भी सम्मानित किया गया......मृत्युपरांत 2019 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरुस्कार "भारत रत्न" प्रदान किया गया।

वहां दूजे व्यक्तित्व की स्वामिनी का परिचय भी मानो सूर्य को दीपक दिखाने के समान है।

प्रेम से हम उन्हें "आशा ताई" कहते हैं... 8 सितंबर 1933 को सांगली महाराष्ट्र के एक संगीतप्रेमी मराठी परिवार में उनका जन्म हुआ।।

उनके पिताजी दीनानाथ मंगेशकर संगीत के एक शसक्त हस्ताक्षर थे.....अपनी बड़ी बहन लता माँ के ही नक्शे कदम पर वह आगे बड़ीं....

लगभग 1 दर्जन भाषाओं में उनके 16000 से अधिक गीत हैं....

वह सन 1948 से फ़िल्म संगीत में सक्रिय हैं....एआ दौरान उन्होंने ओपी नैय्यर, खैय्याम, सचिन और राहुल देव बर्मन, शंकर जयकिशन, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल,  जयदेव, इलैयाराजा, अनु मलिक इत्यादि दिग्गज संगीतकारों के साथ हजारों गीतों में काम किया।

उन्हें 7 बार फ़िल्म फेयर की बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का पुरुस्कार प्राप्त हुआ।

वहीं फ़िल्म फेयर लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरुस्कार भी मिल चुका है। सन 2000 में उन्हें अपने कार्य के लिए फ़िल्म जगत का सर्वोच्च्य पुरुस्कार भी मिला है। वहीं वह ग्रेमी अवार्ड के लिए नामांकित होने वाली पहली भारतीय महिला गायक थीं।

सन 2008 में उन्हें भारत के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है।।


 - देवा हो देवा...

- राधा कैसे न जले..

- प्यार हमारा अमर रहेगा.. 

- यादों की बारात..

- जरा सा झूम लूं मैं...

-  प्यार कभी कम नहीं करना... - मिलने की तुम कोशिश करना.. - चेहरा क्या देखते हो..

- किताबें बहुत सी पढ़ीं होंगी तुमने..

- कर न सके हम प्यार का सौदा.. - इन आँखों की मस्ती के मस्तानी हजारों हैं..

- दिल चीज क्या है आप मेरी जान लीजिए....

जैसे अगणित गीत उनकी पहचान हैं।।

दोनों ही महान संगीतिक पहचानों को आज उनके जन्मदिवस पर शुभकामनाएं एवं नमन.....


Deepak Vishwakarma




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